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Sunday, 6 August 2017

हवा कैसे चलती है ?

Hawa kaise chalti hai ?
             


हेल्लो दोस्तों
आज हम यह समझेगे की हवा कैसे चलती है । हमारी पृथ्वी के आस पास वायुमंडल होता है जो की कई हज़ार किलोमीटर सतह से ऊपर की और बहुत सी गैसों से मिलके बनता है जिसमे 78 % नाइट्रोजन गैस

होती है , 21 % ऑक्सीजन , 0.9 % आर्गन  और अति सूक्ष्म मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड , नीयन , वाष्प के कण धूल मिटटी इतिआदी होते है, इस मिश्रित गैसों को ही वायु कहते है, हवा का चलना हमारे लिए बहुत लाभप्रद है सबसे जरुरी हमें गर्मी से राहत देता है हवा के चलने के कई कारण होते है जैसे पृथ्वी की अलग अलग जगहों का तापमान ,पृथ्वी की परिक्रमा सूर्य के इर्द गिर्द ,पृथ्वी का गुमाव अपनी दुरी पर इतिआदी
सूर्ये की रौशनी पृथ्वी पे हर समय और हर जगह एक जैसी नहीं पड़ती  जिसकी वजह से अलग अलग जगह अलग अलग गति से गर्म या ठंडी होती है जैसे की ध्रुवीय क्षेत्र (उत्तर और दक्षिण ) पे सूर्ये की किरने तिरशी पड़ती है जिसके कारण उस जगह की हवा ठंडी रहती है वही दूसरी तरफ भूमध्य रेखा (equator) पे जो सूर्ये की किरणे पड़ती है वो बिलकुल सीधी पृथ्वी की सतह पे गिरती है और बहुत तेज़ी के साथ पृथ्वी की सतह को गरम कर देती है क्युकी ठोस सतह(land) तरल सतह (water) से जल्दी गरम हो जाती है इसलिए उस ठोस सतह की ऊपर वाली हवा गरम पानी की सतह से जल्दी गरम हो जाती है , अब होता ऐसा  है की गरम हवा हलकी होने के कारण ऊपर उठने लगती है ,यह प्रक्रिया काफी बड़ी तादाद में होती है खासतोर पे मैदानी क्षेत्रो में, अब यह हवा ऊपर जाकर फैलने लगती है इस समय इन जगहों पे हवा का दबाब (pressure)कम होने लगता है ,जिस प्रकार नदिया ऊंचाई से निचे की तरफ बहती हे ठीक उसी तरह हवा भी उच्च दबाब क्षेत्र से कम दबाब क्षेत्र की तरफ जाने की कोशिश करती है, अब आसपास के क्षेत्रो  से ठंडी हवा इस खाली जगह पे पहुच जाती है ,ठंडी जगहों पे हवा का दबाब ज्यादा होता है इसलिए वो ज्यादा दबाब से कम दबाब क्षेत्रो में आ जाती है ,इससे हवा में गतिविधि होती है, और हवा चलती है 
हवा चलने के और भी कई कारक होते है 
1. Pressure (दवाब)=वायु के दबाव से यह तात्प्राए है की कितनी ताकत के साथ वायु किसी ख़ास क्षेत्र को दबा रही है (यह वायु का वजन कई लाख तन तक हो सकता है) । पृथ्वी के चारो तरफ वायुमंडल (atmosphere) होता है ,विज्ञानं के मुताबिक हर वास्तु का (mass) द्रव्यमान होता है इसी तरह वायु का भी द्रव्यमान होता है इसका मतलब ये हुआ की वायु भी पृथ्वी की हर एक वास्तु पे दबाव डालती है क्युकी pressure=force/area है वैसे तो वायु का कुल दबाव लगभग शून्य रहता लकिन कभी कभी ये असंतुलित हो जाता है जिसकी वजह से एक (force) बल बनता है जिसकी वजह से हवा चलती है । जब वायु सूर्ये की गर्मी से गर्म होकर ऊपर जाती है तो वहा पे कम दबाव का क्षेत्र बनाती है अब यहाँ पे जितनी ज्यादा ठंडी वायु किसी ठंडी क्षेत्र से आयेगी तो वो यहाँ पे ज्यादा दबाव के क्षेत्र बनाएगी इससे ये पता चलता है की कम दबाव वाला क्षेत्र हमेशा बादलो से गिरा रहता है और वहा पे नमी बरक़रार रहती है तथा बारिशे भी होती रहती है,इसी के साथ साथ ये क्षेत्र (unstable) अस्थिर होता है ,वही दूसरी तरफ ज्यादा दबाव वाला क्षेत्र का मौसम खुशनुमा होता है, साफ रहता है और यह क्षेत्र काफी हद तक (stable) स्थिर होता है 
2. Coriolis force= हमने अभी तक यह समझा है की (equator) से वायु गर्म होकर ऊपर उठती है और कम दबाव का क्षेत्र  बनाती है इसी समय ज्यादा दबाव वाले क्षेत्र (poles) से ठंडी वायु यहाँ पे आ जाती है, लकिन वास्तव में ऐसा नहीं होता,ध्रुव से ठंडी हवा सीधे भूमध्य रेखा पे नहीं आती ,क्युकी हमारी पृथ्वी अपनी दुरी पे सूर्ये के इर्द गिर्द घुमती है जिसको (rotation) कहते है हमारी पृथ्वी पश्चिम से पूर्व की तरफ घुमती है 

3 comments:

  1. Sir Ant Aur other insects wall pe kase chalte ha

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  2. aapka blog bahut basya hai lekin aap post bahut kam letterr me kartr ho

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    1. thxks aasif bhai lakin maine abhi post update karni hai

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